2 Comments

  1. Lucky
    November 17, 2017 @ 3:51 am

    🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
    **उपासना सरल होने की **
    आसानी से सुकून भरा जीवन ,मित्र ,प्रेम ये चीज़ें केवल उन्ही को प्राप्त होती हैं ,जो सरलता से ओत प्रोत होते हैं !जो बाहर से दिखने में वैसे ही होते हैं ..जैसे कि वो भीतर से हैं !…वास्तव में दिखावा कुछ समय के लिए ही आपको मोहित कर सकता है ,पर आप जल्दी ही दिखावे से मुक्त हो जाते हैं और किसी और प्रकार के दिखावे मे अपनी ख़ुशी ढूँढ़ने लगते हैं !
    सरलता की विराटता आपको पवन के बहने में ,नदी में ,कल कल करते झरने में ,चिड़िया की चहचहाहट में, बरसात में ,छोटे छोटे अबोध बालकों में ,निश्छ्ल हँसी में अनन्त दिखाई देगी .
    वस्तुतः महान लोग जानते हैं कि दिखावा बाह्य आडम्बर है और ये हमारे चेतन और अवचेतन मन पर भारी वज़न है,ये दिखावट हमारे शरीर और मन को बीमार करने में सहायक होती है , इस वज़न को हटाने का बहुत सरलतम उपाय है कि हम सरल हो जायें मगर सवाल ये है की कैसे क्योंकि सरलतम होना ही तो अत्यंत दुष्कर कार्य है पर इतना भी कठिन नहीँ है कि आप कर नहीँ पायें !
    बस एक शुरआत तो करें- करायें सरल होने की जैसे ..जो मन में है उसे विनम्रता व शालीनता के साथ सम्बन्धित से कह दें ,आप अगर किसी की कोई मदद नहीँ कर सकते तो अपनी एक मुस्कुराहट भरे चेहरे से उसका हाल चाल ही पूछ लें ,आप अपने अस्तित्व को पहचान कर स्वीकार करें और दूसरे के अस्तित्व को पहचान कर सम्मान देना सीखे …आपके लिए सरलतम होने के दरवाज़े खुलने लगेंगे और दुर्भाग्य के द्वार बँद होने लगेंगे ,…
    हम सबसे सरल तब होते हैं जब हम दृष्टा होते हैं !जब हम वस्तुओं, धन,मद ,प्रतिष्ठा आदि से चिपकते नहीँ और एक दर्शक की भाँति घटनाओं का अवलोकन करते रहते है .. कठिन कुछ नहीँ बस प्रयत्न जारी रखें .
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  2. Lucky
    November 17, 2017 @ 3:53 am

    रेकी की अत्यंत उपयोगी जानकारी की साइट

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